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संवैधानिक प्रावधान

अनुच्छेद 243-ट. पंचायतों के लिए निर्वाचन - (1) पंचायतों के लिए कराए जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार कराने का और उन सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण एक राज्य निर्वाचन आयोग में निहित होगा, जिसमें एक राज्य निर्वाचन आयुक्त होगा, जो राज्यपाल द्वारा नियुक्त किया जायेगा।
(2) किसी राज्य के विधान-मण्डल द्वारा बनाई गई किसी विधि के उपबन्धों के अधीन रहते हुए, राज्य निर्वाचन आयुक्त की सेवा की सेवा की शर्ते और पदावधि ऐसी होंगी जो राज्यपाल नियम द्वारा अवधारित करे: परन्तु राज्य निर्वाचन आयुक्त को उसके पद से उसी रीति से और उन्हीं आधारों पर ही हटाया जाएगा, जिस रीति से और जिन आधारों पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाया जाता है, अन्यथा नहीं और राज्य निर्वाचन आयुक्त की सेवा की शर्तो में उसकी नियुक्ति के पश्चात् उसके लिए अलाभकारी परिवर्तन नहीं किया जाएगा।
(3) जब राज्य निर्वाचन आयोग ऐसा अनुरोध करे तब किसी राज्य का राज्यपाल राज्य निर्वाचन आयोग को उतने कर्मचारिवृन्द उपलब्ध कराएगा जितने खण्ड (1) द्वारा राज्य निर्वाचन आयोग को उसे सौंपे गए कृत्यों के निवर्हन के लिए आवश्यक हों।
(4) इस संविधान के उपबन्धों के अधीन रहते हुए, किसी राज्य का विधान-मण्डल, विधि द्वारा, पंचायतों के निर्वाचनों से सम्बन्धित या संशक्त सभी विषयों के सम्बन्ध में उपबन्ध कर सकेगा।
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अनुच्छेद 243-यक. नगर पालिकाओं के लिए निर्वाचन - (1) नगरपालिकाओं के लिए कराए जाने वाले सभी निर्वाचनों के लिए निर्वाचक नामावली तैयार कराने का और उन सभी निर्वाचनों के संचालन का अधीक्षण, निदेशन और नियंत्रण, अनुच्छेद 243-ट में निर्दिष्ट राज्य निर्वाचन आयोग में निहित होगा।
(2) इस संविधान के उपबन्धों के अधीन रहते हुए, किसी राज्य का विधान-मण्डल, विधि द्वारा, नगरपालिकाओं के निर्वाचनों से सम्बन्धित या संसक्त सभी विषयों के सम्बन्ध में उपबन्ध कर सकेगा।